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रामचरितमानस पर एक नई पहल

Posted On: 10 Dec, 2015 Others,social issues,कविता में

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रामचरितमानस पर एक नई पहल
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जागरण जंक्शन के सभी मित्र कवियों, लेखकों और पत्रकारों को यह सूचित करते मुझे हर्ष हो रहा है कि पिछले कुछ दिनों से मैं संत तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस के मुख्य दोहों को अंग्रेजी और हिंदी की मुक्त कविता में भावार्थ के रूप में अपने फेस बुक और गूगल+ के पेज पर रख रहा हूँ, जो कि कई मानों में एक अनूठा प्रयोग है.
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कुछ दिनों पूर्व मैंने जागरण जंक्शन पर भी इस शुरू करने की कोशिश की थी पर इस हेतु आवस्यक फोटो स्पेस की कमी के कारण फिर इसे मैं यहां आगे नहीं रख सका. मेरा यह प्रयास अगर रामचरितमानस के प्रेमियों को रुचिकर और सार्थक लगे तो कृपया अपने विचार और सुझावों से अवगत कराने की कृपा करें. आप सभी प्रबुद्ध लेखकों का मार्गदर्शन मेरे लिए और इस अनूठे महाकाव्य को अंग्रेजी कविता के रूप में रखने के प्रयास में एक प्रेरणा बन सहयोग करेगा.
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फेस बुक पर मेरे पेज को आप इस यूआरएल के को एड्रेस बार में पेस्ट कर या गूगल+ पर मेरे नाम का पेज Ravindra K Kapoor लिख कर या निम्न यूआरएल पेस्ट कर देख सकते हैं. पेज का नाम है:- Ramcharitmanas Dohas in English by Ravindra K कपूर.
https://www.facebook.com/Ramcharitramanas-Dohas-in-English-1665185350366696/?ref=हल
या Google+ URL है:
https://plus.google.com/+RavindraKKapoor
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मैं पाने तत्कालीन दोहे की प्रस्तुति को यथावत यहां रख रहा हूँ केवल साथ में दी फोटो को छोड़ कर.
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Ramcharitmanas Doha ( Couplet) 14E

बंदउँ चारिउ बेद भव बारिधि बोहित सरिस.
जिन्हहि न सपनेहुँ खेद बरनत रघुबर बिसद जस. 14E
Poetic Explanation in English Free Verse of the Epic Ramcharitmanas written by Sant (Saint) Tulsidas in Hindi.

I praise and adore
All the four Vedas
Who are the hopes and means
To cross
The ocean of life
Smoothly and spontaneously.01

These great writings
Never get tired
In praising melodiously
And in an enchanting voice
The splendid beauty of God.

They also never get tired
In describing and singing
Their enchanting songs
Describing the glorious deeds
Of God . 03

Explanation in Hindi हिंदी मुक्त कविता में भावार्थ

मैं चारों वेदों की वंदना
और उनका नमन करता हूँ
जो हमारे साधन और
आशाएं हैं
निर्बाध और उन्मुक्त हो कर
इस संसार रुपी भवसागर
को पार करने के। 01

ये महान लेखन
कभी थकते नहीं
ईश्वर के अद्भुत सौंदर्य का वर्णन करते
अपनी मनमोहक मधुर वाणी में।02

और ये कभी भी
नहीं थकते ईश्वर के सुन्दर भव्य
कार्यों को
अपने माधुर्य भरे
मनमोहक गीत रचनाओं में
गाते और बखान करते। 03

English and Hindi Free Verse Explanations by Ravindra K Kapoor

बंदउँ चारिउ बेद भव बारिधि बोहित सरिस.
जिन्हहि न सपनेहुँ खेद बरनत रघुबर बिसद जस. 14E
Bandaau chaarioo bed bhav baaridhi bohit saris ,
jinahihi na sapnehun khed barnat Raghubar bisad jas. 14E

Poetic Explanation in English Free Verse
of the great Epic Ramcharitmanas written by Sant (Saint) Tulsidas in Hindi.

Explanation as given in Ramcharitmanas courtesy from Gitapress Gorakhpur.
मैं चारों वेदों की वंदना करता हूँ, जो संसार समुद्र के पार होने के लिए जहाज के सामान हैं तथा जिन्हें श्रीरघुनाथजी का निर्मल यश वर्णन करते स्वप्न में भी खेद (थकावट) नहीं होता.

NOTE: This exclusive work ( Free Verse of Ramcharitmanas Dohas in English and Hindi) of Explanations is the sole creation by its writer Ravindra K Kapoor and it is not allowed to be Published in any Books, Newspaper and Magazines etc without the written permission of its writer. However, it can be shared in its original form on internet without changing the name of its writer Ravindra K Kapoor.

Web Title : Ramcharitmanas Dohas in English And Hindi in Free Verse.

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
December 12, 2015

जय श्री राम रवीन्द्रजी अच्छी पहल उम्मीद है गैर हिन्दी वालो को इससे रामचरितमानस समझाने में सुविधा होगी.

जितेन्द्र माथुर के द्वारा
December 10, 2015

बहुत खूब कपूर साहब । बहुत ही सराहनीय पहल है यह आपकी जिसे सभी का समर्थन प्राप्त होना चाहिए । बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपको । आपके दिए हुए लिंक पर जाकर मैं अवश्य पढूंगा और यहाँ ब्लॉग में भी जो विवरण आपने दिया है, उसे पढ़कर आनंद आ गया । जो अवधी भाषा की मूल रचना के भाव को समझने में कठिनाई का अनुभव करते हैं, उनके लिए तो आपका यह प्रयास और इसका परिणाम अनमोल है ।


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