Let My Country Wake up and Bloom

Just another weblog

52 Posts

168 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2740 postid : 1147201

भारत की होली का रंग और बसंत- एक कविता

Posted On 20 Mar, 2016 Hindi Sahitya, कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

भारत की होली का रंग और बसंत- एक कविता Also in English on Poetry Soup as
Why Colors of Holi.
.
वसंत जब आगमन करता है
अपने साथ लाता है
आनंद की मस्ती
जब चिड़ियाँ गीत गाने लगती हैं
और नई पत्तियां
और कलियाँ
नृत्य करने लगती हैं
वासंती हवा की ताल पर
जब पुराने पड़ चुके पात
नई पत्त्तियों के आगमन हेतु
विदा ले जा चुके होते हैं
जिससे कि नए पात
अपने उड़ते पंखों को
दिखला सकें।
.
और प्रकृति के इस उत्सव नृत्य
को देख
हर गली और कोनों में
मनुष्य का संवेदन शील ह्रदय
तेजी से धड़कने लगता है
जिससे कि वो
रंगों से सराबोर कर सके
अपनी प्रियतमा को.
.
और कहीं जहां
दोनों अलग हों
ऐसे युगल
अपना प्रेम गीत गा
कहीं इंतज़ार करती
प्रियतमा को
गीतों के रंगों से ही
सराबोर कर लेते हैं।

रवीन्द्र के कपूर
कानपूर २०. मार्च 2016

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vikaskumar के द्वारा
March 23, 2016

होली के अवसर पर इस सुन्दर कविता के लिए बधाई .


topic of the week



latest from jagran